सलमान खुर्शीद – आसाराम के
मुरीद ?
मित्रो एवं सज्जनों,
शायद आपको मालूम हो
कि कल यानि 19 अगस्त 2014 को सुप्रीम कोर्ट में आसाराम बापू की तारीख थी , जिसमे
उनकी पैरवी भारत के भूतपूर्व कानून मंत्री श्री सलमान खुर्शीद जी ने की थी.
जैसा कि आप जानते
हैं की आसाराम बापू के खिलाफ एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुए एक
साल हो गया है और लड़की भी वह, जो स्वयं तथा जिसका पूरा परिवार आसाराम का कट्टर
समर्थक एवं अनुयाई था. पीड़ित लड़की आसाराम आश्रम के गुरुकुल छिंदवाडा, मध्य प्रदेश
की छात्रा थी. आने वाली एक सितम्बर को आसाराम बापू को जेल में बंद हुए भी पूरा एक
साल हो जाएगा .
जैसा कि आप सभी में
सुना होगा कि आसाराम जी ने कई बार अपने मिडिया साक्षात्कार में कहा था कि आसाराम
जी को फंसाने में कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी एवं राहुल गाँधी का हाथ
है. आसाराम ने कई बार खुल्लम खुल्ला कहा था की मैडम सोनिया व उनके बेटे के इशारे
पर सब काम हो रहा है. तब आसाराम ने अपने चिर परिचित अंदाज में कांग्रेस सरकार को धमकी
भी दी थी. कि वे सरकार को उखाड़ कर फेंक सकते हैं. क्योंकि आसाराम बापू ने एकबार
गुजरात में भी मोदी सरकार को तथा उनके खिलाफ लिखने वाले अखबार को भी धमकी दी थी ,
धमकी देना आसाराम बापू का पुराना स्वभाव है.
खैर हम मुद्दे पर
आते हैं, यह कहना गलत नहीं होगा कि हमेशा कांग्रेस को कोसने वाले आसाराम बापू अब कांग्रेस
के नेताओ की शरण में हैं ताकि उनको जमानत मिल जाए. पहले तो आसाराम जेल को वैन्कुठ
धाम कहते थे , अब क्या आसाराम बापू का वैन्कुठ धाम से मन ऊब गया है या मोहभंग हो
गया है जो जमानत लेने के लिए उन आदमियों के पास गए जिनकी पार्टी को कभी वे खुलकर
कोसने में कोई कमी नहीं छोड़ते थे. या फिर श्रीमान खुर्शीद स्वयं आसाराम के मुरीद
हो गए या फिर आसाराम को जमानत के लिए उनकी मदद की जरुरत पड़ी या फिर आसाराम जी को
राम जेठमलानी साहब पर विश्वास नहीं रहा या जेठमलानी साहब ने खुद आसाराम का दामन
छोड़ दिया. आसाराम बापू और कांग्रेस नेता एक साथ साथ, बात कुछ हजम नहीं हो रही.
आसाराम की वकालत
करते समय खुर्शीद साहब केवल एक वकील की हसियत से शीर्षस्थ अदालत में जायेंगे या फिर
भूतपूर्व कानून मंत्री के पद को भी साथ लेकर जायेंगे, जो भी हो इस काम के लिए खुर्शीद साहब को संभवतः बहुत बड़ी राशि फीस के रूप में दी गयी होगी या दी जाएगी. अब देखना
ये है की सलमान खुर्शीद साहब केवल शीर्षस्थ अदालत में ही आसाराम बापू की वकालत करते है या
फिर मैडम सोनिया जी के दरबार में भी आसाराम की पैरवी भी करेंगे. जंहा तक मेरी समझ है
की आसाराम बापू अपने कर्मों की वजह से जेल में हैं , इसमें किसी भी राजनैतिक दल का
कोई हाथ नहीं है. आसाराम बापू को फंसने में तो किसी दल या मिशनरी का कोई हाथ नहीं
है , हां लेकिन उनके जमानत दिलाने में संभवतः कोई न कोई मंत्री या पूर्व मंत्री या
राजनेता उनकी मदद जरुर कर सकता है.
यह बात अलग है की
भारत की शीर्षस्थ अदालत निष्पक्ष न्याय करती है. इसीलिए माननीय शीर्षस्थ अदालत पर भरोसा
करने के अलावा कोई विकल्प भी हमारे पास नहीं है.
मेरे लिए सबसे बड़े
आश्यर्य की बात तो ये है की पहले आसाराम बापू ने जोधपुर में भाजपा के एक नेता को
अपना वकील बनाया तथा दिल्ली में भाजपा के नेता को छोड़कर, कांग्रेस के एक वरिष्ठ
नेता को और वो भी जो भारत सरकार के कानून मंत्री रह चुके हैं जिनका शीर्षस्थ अदालत के
न्याधिशों की नियुक्ति में शायद कंही न कंही कोई न कोई रोल प्रत्यक्स या परोक्स
रूप से अवश्य रहता था , आसाराम बापू गुजरात में भाजपा व मोदी सरकार को चेतावनी
देते हैं और जोधपुर में भाजपा के नेता को अपना वकील बनाते हैं तथा कांग्रेस में मैडम
सोनिया व राहुल गाँधी को कोसने वाले आसाराम बापू दिल्ली में कांग्रेसी नेता श्री खुर्शीद जी को अपना वकील करते हैं, आखिर आसाराम चाहता क्या है, आखिर उसकी सोच क्या है ???
खैर आसाराम की सोच
जो भी हो, लेकिन मेरी सोच ये है की आसाराम बापू तथा उस पीड़ित लड़की , दोनों का
नारको टेस्ट करवाना चाहिए और जो भी दोषी हो उसको भारतीय संविधान दण्ड संहिता के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि
दुसरे लोगो में भी इसका सकारात्मक सन्देश जाए तथा भारत में कानून व्यस्था बनी रहे
एवं भारत की बहु बेटियां भी निडर होकर कंही भी आ-जा सकें, कंही भी, किसी भी हॉस्टल या
गुरुकुल में शांतिपूर्वक रहकर भारत निर्माण में अपना सहयोग दे सकें. कभी निचली
अदालत तो कभी शीर्ष अदालत , ऐसे में एक साल का समय बीत गया है और उस पीडिता लड़की
के भविष्य एवं कैरिएर पर भी असर पड़ रहा है.
जो भी मैंने ऊपर
लिखा है ये मेरा व्यक्तिगत विचार है , बाकी तो अपनी शीर्षस्थ अदालत विश्व में
निष्पक्ष न्याय करने के लिए प्रसिद है ही .....
No comments:
Post a Comment